पत्थरबाज की छानबीन करो →सपा का लिंक मिल जाता है।
और गहराई से छानबीन करो → कांग्रेस का नाम सामने आ जाता है।
और भी छानबीन करो → आम आदमी पार्टी का नाम आ जाता है।
यह हमेशा एक ही पैटर्न क्यों होता है?
और ये पत्थर स्विगी की किराने की डिलीवरी से भी तेज़ क्यों आते हैं। यहाँ कुछ तो गड़बड़ है 😱
जो विपक्ष राष्ट्र के विरुद्ध पत्थरबाजों का साथ दे, देश में दंगे फसाद करवाए उसे जनता को भी पहचान लेना चाहिए

