मंदिरों के पैसे के उपयोग पर पुष्पेंद्र जी का उत्तम मत, राष्ट्रवादी सरकार और हिंदू संगठनों को इसपर विचार करना चाहिए ..
आखिर क्यों हिंदुओं द्वारा अपने मंदिरों पर चढ़ाए गए पैसे सरकार द्वारा टैक्स के रूप में वसूल ले जाते हैं और फिर उन पैसों से सरकार क्या करतीहै? के विडंबना है कि हिंदुओं के ही पैसों का प्रयोग उन लोगों के लिए किया जाता है जो हिंदुओं का विनाश चाहते हैं

