समझ में नहीं आता कि आखिर यह हिंदू लड़कियां कौन सी चक्की का आटा खाती हैं और समझ में यह भी नहीं आता कि आखिर इनके माता-पिता ऐसे कौन से नशे में डूबे हुए हैं जो लगातार इस प्रकार की हृदय हृदयविदारक घटनाएं सामने आने के बावजूद भी संभलने को तैयार नहीं। आए दिन हिंदू बेटियां शिकार बन रही है लेकिन कोई समझने को तैयार नहीं👇🏻देख लो एक और बेटी की दुर्गति
समाज में वहशी दरिंदों की तो कोई कमी नहीं है लेकिन मूर्खों का भी अभाव कतई नहीं है। यदि हिंदू माता-पिता इन सारी घटनाओं को देखे, समझे और अपनी बच्चियों को उचित धर्म ज्ञान तथा संस्कार दे तो संभवतः किसी भी प्रकार का अनिष्ट उन्हें छू भी ना सके। लेकिन जो माता-पिता आधुनिकता की चकाचौंध में डूबे हुए हैं, जो सेकुलरिज्म और भाईचारे के नशे में खुद ही धुत्त है वह क्या अपने बच्चों को बचाएंगे...

