सलाखों के पीछे दिख रहे इस जातंकी का नाम काकू विमल/जाटव है इन्हे भी ब्राह्मण की बेटी चाहिए थी। सूचना दीपक शर्मा को मिली, मैंने इसके खिलाफ तुरंत आगरा संबंधित पुलिस थाने को सूचना दी... FIR लिखी गयी... लेकिन जब पुलिस पकड़ने गयी तो ये जातंकीफरार हो गया और जब 4 दिन बाद पकड़ा गया तो रोने लगा... बोला माफ़ कर दो, माँ बीमार है बाप बीमार है दिहाड़ी मज़दूर हूँ दीपक भैया अब कभी गलती नहीं होगी
दीपक भाई ने कहा, भीम राव अम्बेडकर से पूछ क्या उन्होंने संविधान में ऐसा कोई ऑप्शन दिया है कि तू पूरी एक जाति को गाली दे और कोई एक व्यक्ति माफ़ कर दे.. तो बोला नहीं...... मैंने कहा फिर मैं कैसे माफ़ करूँगा ?तूने सिर्फ मेरी बहन बेटी को गलत नहीं बोला पूरे ब्राह्मण समाज की बहन बेटियों को गलत लिखा है तूने...
नीले जहरीले नेताओं और जातिवादियों के चक्कर में आकर इसने अपनी जिंदगी खराब कर की अब सालों तक वो जेल, कोर्ट के चक्कर काटेगा.... हे दलित बंधुओं अपने बच्चों को नीले जहरीले जातिवादियों के जाल में फंसकर बर्बाद होने से बचाओ

