चेन्नई के मुरूगन मंदिर में विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने ईसाई मिशनरियों को खदेड़ा । स्टालिन सरकार के संरक्षण में ईसाई मिशनरी अब तक़रीबन हर बड़े मंदिर के प्रांगण में बाइबिल और ज्ञान बाँटते नज़र आते हैं , ऐसे लोगों को हिंदुओं को इगनोर नहीं करना चाहिए अपितु ऐसा सबक सिखाना चाहिए कि पुनः धर्मांतरण का प्रयास न करें
संविधान सबको अपने अपने धर्म और पूजा पद्धति के पालन का अधिकार देता है लेकिन धर्मांतरण का अधिकार किसी को नहीं और जो ऐसा प्रयास करे उसका इलाज आवश्यक है.. और अपने धर्म की रक्षा के लिए कुछ भी करने का ठेका केवल VHP, rss या अन्य संगठनों का ही नहीं अपितु हर सनातनी का ये कर्तव्य है
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