एक तरफ हिंदू है जो ऐसे प्रवचन दे रहा है मानो कोई मौलवी जो और दूसरी तरफ एक मुसलमान जो साफ साफ शब्दों में अपनी मंशा को प्रकट कर रहा है। सेकुलर हिंदू के अनुशार कानूनी रूप से अवैध मदरसों, मजारों को तोड़ना गलत है और एक मुस्लिम साफ बोल रहा है को वो मंदिर को जला देंगे, उन्हें मंदिर , हिंदुओं की पूजा से दिक्कत है
हिंदुओं सुधार जाओ रे इस सेक्युलरिज्म की बीमारी का इलाज करो वर्ना तुम्हारी पीढ़ियों को भयानक परिणाम भुगतने पड़ जायेंगें। जब वो अपने मजहब के प्रति समर्पित है तो तुम क्यों अपने धर्म को नहीं समझते? ये क्या मूर्खता है को अवैध निर्माणों, अनैतिक कृत्यों का भी समर्थन कर रहे हो…..

