ऐसा कहा जाता है सभी मुस्लिम आतंकवादी भले ही न हों पर सभी आतंकवादी ......... होते हैं। और ये किसी भी वेश में हो सकते हैं डॉक्टर, इंजीनियर, प्रोफेसर, धर्मगुरु, पंक्चर वाला या मेयर ही क्यों न हो। यहां तक कि उपराष्ट्रपति बनने के बाद भी इनके भीतर का जिहादी आतंकी नहीं मरता है।👇देखिए
सोचिए आखिर अमेरिकी के सांसदों को क्या जरूरत आन पड़ी की भारत के एक साधारण से मुस्लिम छात्र के लिए लॉबिंग कर रहे है ? विचार कीजिए किस हद तक एक लॉबी काम कर रही है जो अमेरिका के सांसदों,मेयर को भी हायर कर रही है अपने मजहबी एजेंडे के लिए

