महाराष्ट्र के जलगांव में हुसैन शेख ने मामूली कहासुनी पर भाऊसाहेब पवार का गला घोंटकर हत्या कर दी। आरोपी ने होटल के पास कहासुनी के बाद 58 वर्षीय पीड़ित को लात मारी और गला घोंट दिया; जिसके बाद पीड़ित बेहोश हो गया और अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया।आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
ये एक ऐसी मानसिकता है जिसके मन मस्तिष्क में हैवानियत भरी पड़ी है। बलात्कार तो इस मानसिकता के लिए साधारण सी बात है ही बाकी छोटी छोटी बातों पर लोगों की हत्या कर देना भी इनके किए कोई बड़ी बात नहीं। ऐसी मानसिकता से समाज को मुक्ति दिलाना क्या प्रशासन का काम नहीं? क्या ऐसी मानसिकता का समाज में खुला घूमने समाज के लिए घातक नहीं..?
@साभार

