सलीम वास्तिक जिस पर अभी हाल में ही प्राणघातक हमला हुआ, उस क्षेत्र का वीडियो हैं। जरा समझिये कि आखिर क्यों मदरसों को तत्काल प्रभाव से बैन करने की आवश्यकता हैं। जब ऐसी सोच मदरसों से निकलेगी तो वो देश के कानून , संविधान का सम्मान कर पाएगी? क्या एक इस देश को देश रहने देगी?
बच्चे नहीं हैं टाइम बॉम्ब हैं साले, आतंकवादी के पिल्ले हैं... ये एक डायलॉग हैं शौर्य फिल्म का रह रहकर याद आ ही जाता है

