कोर्ट के आदेशों के बाद जब प्रशासन शांति से उज्जैन मस्जिद के छोटे से हिस्से को तुड़वा रहा था तब हजारों की भीड़ ने प्रशासन को पीछे हटने को मजबूर कर दिया |फिर इसी हजारों की भीड़ में से मजहबी निकल कर आए और बोले कि प्रशासन नहीं मस्जिद के हिस्से को हम खुद अपने लोग लगा कर हटवाएंगे | फिर कई टन की गुंबद को हटवाने के लिए इन्हीं मजहबीयों ने प्रशासन से क्रेन मंगाई और इनकी की निगरानी में क्रेन मस्जिद की गुंबद आकर जैसे कॉलम को बेल्ट में फिक्स कर हटा रही थी | जहां बेल्ट फिक्स की गई थी एक दम से वह जगह टूट गई तो गुंबद मस्जिद के दूसरे हिस्से पर गिर गई जिसमें करने वाले की कोई गलती मानी जानी चाहिए |
लेकिन अब मजहबी संगठनों के मुखिया माहौल बना रहे हैं कि प्रशाशन ने जबरन हमारी मस्जिद को नुकसान पहुंचाया जबकि इन मुखियाओं ने प्रशासन को शांति से काम करने ही नहीं दिया | अब कुछ राजनीती गिद्ध इन झूठे लोगों के साथ खड़े है बस देश में अशांति फैलाने के लिए

