भगवान श्री कृष्ण जिनका अवतार धरती से अधर्म का नाश कर धर्म की स्थापना के लिए हुवा था जिन्होंने सन्देश दिया के अधर्म के नाश के उद्देश्य की पूर्ति के लिए कुछ भी करना धर्म कहलाता है, जिन्होंने एक स्त्री के सम्मान के लिए महाभारत रच दी और गीता के माध्यम से संसार को सम्पूर्ण ज्ञान दिया...
आज हम उनका जन्मदिन तो बड़ी धूम धाम स्वागत मनाएंगे लेकिन उनकी दी गयी सीख..?
दुर्भाग्य के हिन्दू समाज ऐसे जगतगुरु और उनके ज्ञान (गीता ) के होते हुये ऐसी दयनीय स्थिति में है और शर्मनाक के हिन्दू अपनी बेटियों को नहीं बचा पा रहे
यदि हिन्दू वास्तव में भगवान कृष्ण को मानते है और आज कृष्ण जन्माष्टमी मना रहे है तो दिखावे के साथ साथ एक संकल्प भी लें के हम खुद भी उनका दिया ज्ञान (श्रीमदभागवत गीता ) ग्रहण करेंगे और अपने बच्चों को भी वो ज्ञान छोटी उम्र से ही देना प्रारम्भ करेंगें ताकि वो समाज में व्याप्त हर बुराई (अधर्म ) से बग सकें और अश्यकता पड़ने पर अधर्म का नाश कर सकें। केवल प्रतिदिन 10 मिनट आजीवन गीता पढ़ने का संकल्प लीजिये, आप जैसे जैसे इसे पढ़ते जाएंगे, बार बार रिपीट करेंगें आप अपने आप में बहुत ही बड़े और सुखद बदलाव पाएंगे आपका मन निर्मल भी होगा और अधर्म के नाश का सामर्थ्य भी आपकर भीतर जागृत होगा.
एक और ख़ास बात आज के दिन गौसेवा का लाभ अवश्य ही उठाये और आजीवन यथासंभव गौसेवा का संकल्प लें तथा गौ सम्मान आह्वान अभियान से जुड़ें जो गौमाता की सेवा, सुरक्षा, सम्मान के निमित्त पूरे देश में चल रहा है।
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मनीष भारद्वाज : 7710096258
वासुदेव भगवान श्री कृष्ण सबको सद्बुद्धि दे और गौसेवा रूपी आशीर्वाद प्रदान करें
जय गौमाता ~ जय गोपाल

