कभी वो समय था जब आत्महत्या को पाप समझा जाता था और कोई आत्महत्या नहीं करता था लेकिन वर्तमान स्थिति ऐसी है जहां छोटी से छोटी समस्या का भी अंत लोगों को जीवन का अंत ही नजर आता है... 👇देखिए बहन क्या बता रही है आत्महत्या के बारे में
आत्महत्या का महा पाप करने से अच्छा है कि उसे समस्या से किसी भी प्रकार लगने का मार्ग खोजें , यदि यह भी नहीं कर सकते तो दूर कहीं किसी गौशाला या आश्रम में जाकर अपनी पहचान को खत्म करके समाज की सेवा करें गौ सेवा करें पर इस अनमोल जीवन का अंत करने का महापाप न करो

