मुजम्मिल एक माझबी कारीगर जिसे पिज्जा हंट ने काम सिया पिज्जा बनाने का लेकिन मुजम्मिल ने अपने मजहबी काम को प्राथमिकता दी और पिज्जा में थूंक मिलाकर लोगों को खिलाता रहा, अंततः अब मुजमिल इस काम को अंजाम देते हुये पकड़ा गया और गिरफ्तार कर लिया गया. ना जाने कितने काफिरों ने इस कट्टरपंथी कि थूक का स्वाद चखा होगा..
क्या आप भी आप इस मानसिकता के साथ भाईचारा निभाते रहेंगे क्या अब भी आप अपने परिवार के साथ मिलकर इन थूकलगी जमात के लोगों के थूक से सने हुए रोटी, पिज़्ज़ा, जूस, दूध अपने परिवार के साथ मिलकर ग्रहण करते रहेंगे? इतने सारे मामले सामने आ चुके हैं फिर भी आने को हिंदू इस थूक लगी जमात के ढाबा होटल आदि पर खाना खाता नजर आएंगे शायद उन्हें इनका थूक अच्छा लगता हो...! यदि आप थूक चाटने से बचना चाहते हैं तो कहीं भी खाने पीने जाओ तो यह देखो कि वहां पर किसी भी क्रांतिकारी का स्टाफ कट्टरपंथी तो नहीं है...?
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