बबलू आलम और उसके साथी ने नाई की दुकान में काम करने वाले विकास की लकड़ी के फट्टे जिसके ऊपर कीले लगी हुई थी उससे मार मार कर विकास की हत्या कर दी गई।बबलू आलम ने तो हत्या करने के बाद इंस्टाग्राम पर स्टेटस भी लगा दिया। यानी खुलेआम कन्हैयालाल जैस वारदात को दोहराया गया है क्योंकि इन्हें पता है के भारत का कानून इनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता
कुछ वर्षों पहले कट्टरपंथी आतंकियों ने एक टेलर कन्हैया लाल की दिनदहाड़े हत्या कर दी थी और उसके बाद सोशल मीडिया पर अपना कृत्य भी कुबूल किया था, लेकिन क्या हुआ? अपराधियों को हमारे देश का कानून उचित दंड नहीं दे पाया और यही कारण है कि अब भी लगातार खुले आम कट्टरपंथी मानसिकता के लोग हिंदुओं की हत्या कर रहे हैं और उसे हत्या को अपनी जीत की तरह प्रदर्शित भी कर रहे हैं... घटिया कानून

