सोचिए इस रवीश कुमार को लोग पत्रकार कहते हैं , पर क्या वाकई ये पत्रकार है?इसके जैसे लोग दोनों हाथों में लड्डू रखना चाहते हैं यदि चुनाव में हिंसा हो जाए और केंद्रीय बल कम हो तो फिर जो वीडियो में कह रहा है वैसा ही कहेगा और यदि केंद्रीय बलो की तैनाती कर दो तो फिर यह रोने लगते हैं कि इतने केंद्र बालों की क्या जरूरत है इन लोगों को पता नहीं है कि भारतीय जनता समझदार हो गई है दोनों हाथों में लड्डू नहीं रख सकते हो तुम या तो बताओ कि केंद्रीय बल रखने हैं या बोलो कि नहीं रखते हैं हालांकि तुम्हारे बोलने से होगा कुछ नहीं सिर्फ रो सकते हो तुम
रवीश कुमार 2018 में:- बंगाल के पंचायत चुनाव में जमकर हिंसा हुई है बंगाल के हर चुनाव में अब हिंसा एक स्थाई बनता जा रहा है आखिर चुनाव आयोग क्या कर रहा है क्यों नहीं हिंसा रोकने के लिए पूरी तैयारी की जा रही है क्यों सिर्फ 60000 जवानों की ही तैनाती की गई क्यों नहीं और ज्यादा तैयारी की गई ताकि पश्चिम बंगाल में चुनाव शांतिपूर्वक हो सके। रवीश कुमार आज :- पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने क्यों इतनी ज्यादा सुरक्षा बलों की तैनाती किया ?

