अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि हिंदू जिस नदी, तालाब, सागर की पूजा करता है उसे ही अपनी मूर्खता के कारण दूषित करता है, ना जाने कब हिंदुओं में समझदारी आएगी... 👇इस तरह का काम करने वाले भक्त नहीं मूर्ख है... प्रकृति और धर्म के शत्रु हैं
पहले लोग नदी तालाब समुद्र आदि में सिक्के डाला करते थे जो तांबे चांदी या सोने के होते थे जो पानी को शुद्ध करते थे लेकिन अब लोहे के सिक्के डालें जाते है जो पानी को अशुद्ध करते है और जलजीवों की जान लेने का पाप करते है, पहले लोग केवल पुष्प आदि का विसर्जन नदियों में करते थे लेकिन अब मूर्ख लोग , कपड़े, प्लास्टिक , थर्मोकोल सब कुछ डालकर नदी तालाब को दूषित करने का महापाप करते है... सुधर जाओ मूर्ख हिंदुओं, पूजा के नाम पर पाप के भागी ना बनो

