हिमाचल प्रदेश, शिमला के सबसे बडे और प्राचीन मान्यता वाले राम मंदिर के हाॅल में 11 अप्रैल को एक मुस्लिम निकाह होना प्रस्तावित है..निकाह मतलब... कलमा, नमाज, कुरान ख्वानी और निरामिष (मांसयुक्त) भोजन... इतनी बडी मान्यता वाले राम मंदिर के हाॅल में निकाह के दिन सैकडों मुस्लिम इकट्ठे होंगे...शि मला में दर्जनों मस्जिदें हैं, दर्जनों मदरसें, ईदगाह और दर्जनों बारातघर भी हैं... वहां मुस्लिम अपना निकाह क्यों नहीं पढवाते...?
मंदिर में निकाह का सेकुलरी प्रस्ताव एक सेकुलरी हिंदु, राजीव सूद द्वारा प्रवत्त है.. राजीव सूद का कहना है कि राममंदिर के हाॅल में पिछले 5 वर्ष में मुस्लिम कर्मकांडों के साथ 15 मुस्लिम निकाह सम्पन्न हो चुके हैं, निरामिष (मांसाहारी) भोजन की व्यवस्था भी की जाती है...शिमला में इस तरीके का यह सोलहवां मामला है, आप अगर हिंदु हैं तो किसी मस्जिद में प्रवेश तक नहीं कर सकते... हमारे मंदिरों में निकाह एक संयोग नहीं, सोंचा समझा प्रयोग है... इस्लामी जजिया पद्धति से प्रेरित है...
निकाह के बाद इस निकाह की घटना को एक बार फिर एक जीत की ट्रॉफी की तरह दर्शाया जाएगा... आगे चलकर इसे परंपरा बता कर मंदिरों में निकाह के लिए स्थान सुनिश्चित करने की माँगे भी रखी जाने लगेगी... 😡😡😡😡

