जिन माता-पिता ने सड़क किनारे सब्जी बेंचकर तंगहाली में जिस बेटी को 19 वर्षों तक पढ़ाया लिखाया, एक 45 साल के अधेड़ जेहादी के चक्कर में उसने उन्हें बर्बाद कर दिया, कहीं का नहीं छोड़ा...18 साल तक जिस बच्ची को माता-पिता दिनरात मेहनत कर अपने जीवन कि पाई पाई लगाकर कड़ी मेहनत से पालते पोसते पढाते लिखाते हैं, 18 साल के बाद कोई भी फूटपाथ पर पंचर बनाने वाला जेहादी उसे बहला फुसलाकर अपना कब्जा जमा लेता है..🤬
ये कैसा घटीया कानून है जो बच्चीयों के जीवन को नर्क बनाने में लगा हुआ है...? क्या अपनी बच्चियों पर उसे 18 वर्षों तक पालने पोसने वाले माता-पिता का कोई अधिकार नहीं होता...? बच्चियों के भविष्य के लिए क्या अच्छा है और क्या बुरा है ये उसके माता-पिता से कोई बेहतर समझ सकता है क्या...? ये कैसी सडा़ध मचा रखी है कानून के नाम पर कि माता-पिता अपनी प्राणों से प्यारी फूल सी बच्ची को असहाय होकर कसाईयो के हाथों बर्बाद होते देखने को मजबूर हैं...?🤬ये नौटंकी अब खतम होनी चाहिये... बच्चियां कोई भेड बकरीया नहीं हैं जिन्हें कोई भी कसाई लालच देकर हलाल कर दे...🇵🇰🧟♂️🤬

