दुर्भाग्यपूर्ण है के एक के बाद एक लगातार अनेकों हिंदू बेटियां जेहाद की शिकार हो रही है और हमारा कानून कुछ नहीं कर पा रहा। इससे बड़ी तकलीफ की बात यह है कि एक बेटी किसी जिहादी की गर्लफ्रेंड बन जाती है उससे मिलती-जुलती है उसके घर जाती है लेकिन माता-पिता सेकुलरिज्म के नशे में धुत्त होते हैं, वह तब जाग रहे हैं जब उनकी बेटी इस दुनिया में नहीं रही और अब वह जिहादी को कठोर सजा की मांग कर रही है, क्या इससे उनकी बेटी और उसका जीवन वापस आ जाएगा?
समय रहते जाग जाओ हिंदुओं और समझ जाओ यह मानसिकता हंड्रेड परसेंट जहदी है क्योंकि इन्हें बचपन से उनके लक्ष्य पर केंद्रित किया जाता है इन सब का लक्ष्य क्लियर है बस मौके की तलाश है। जागो हिंदू जागो वरना ऐसे ही एक-एक करके हम अपनी बेटियों को खोते रहेंगे।
रायपुर के संतोषी नगर इलाके में (19 अप्रैल 2026) रविवार रात 19 साल की कविता दास की लाश उसके बॉयफ्रेंड महफूज खान के घर पर संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटकी मिली। इस घटना से इलाके में दहशत फैल गया है। महिला के परिवार ने महफूज खान पर उत्पीड़न और हत्या का आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार, कविता रविवार को महफूज से मिलने उसके घर गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। अगली सुबह जब लोगों ने दरवाजा खुलवाने की कोशिश की तो वह नहीं खुला। इससे आसपास के लोगों को शक हुआ। जब उन्होंने खिड़की से अंदर झाँका, तो वह अंदर फंदे से लटकी हुई दिखाई दी। इसके बाद दरवाज़ा तोड़ा गया, लेकिन जब तक उसे नीचे उतारा गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मौके पर पहुँची पुलिस ने लाश को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया।

