विचार कीजिए कि जिनके कारण भारत खुद सोने की चिड़िया था एक अचानक पिछड़े और निचले दर्जे में कैसे आ गए क्या वाकई उनके साथ ब्राह्मणों , क्षत्रिय या वैश्यों ने अत्याचार किया था या ये एक बड़े खरनाक षड्यंत्र की सफलता है... सम्भल जाओ सनातनियों हमारे आपस में बिखरने से हमारा हो नुकसान हो रह है..
दलित हो या सवर्ण सब के सब एक षड्यंत्र के शिकार हो रहे हैं और एक के बाद एक सबका नंबर आ रहा है... जागो और एक हो जाओ ध्वस्त करदो हमें आपसे में लड़वाने वाले षड्यंत्र को अन्यथा ये षड्यंत्र हमें मिटा देगा...

