"सौ-सौ जुता खाय, तमाशा घुस के देखे" लगता है ये जैसे ये कहावत जातिवादी हिंदुओं के लिए ही बनी है...🐗 सैकड़ों वर्षों से इन्हीं लुटेरों घुसपैठियों कबिलाईयों से लुटते पिटते और कटते आ रहे हैं...लेकिन अकल नहीं आ रही... आज भी डायलॉग मारते नहीं थकते कि "मजाहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना", "भाजपा/RSS सांप्रदायिकता फैलाती है"...😏हिंदूओं से बड़ी मूर्ख प्रजाति पूरी दुनिया में कहीं नहीं...
अफगानिस्तान पाकिस्तान बांग्लादेश कश्मीर बंगाल केरल जैसे स्थानों पर अपनी दुर्गति के ये जातिवादी सिंड्रोम से पिडी़त हिंदू खुद जिम्मेदार हैं...👿जल्द ही इन सबका भी यही दुर्गति होनी है, शुरुआत हो चुकी है...👹नरपिशाचों को बस एक मौका चाहिए...🇵🇰🧟♂️ ।अब भी समय है मूर्खों जाओ जाओ कब तक अपना चु&या कटवाते रहोगे

