एक क़ौम के लोगों से जब सवाल किया जाता है के आपके लिए देश पहले या आपका मजहब, आपके लिए देश पहले या सरिया? उनका जवाब बिल्कुल क्लियर होता इसमें आप उन्हें गलत बताकर अपने आप को बड़ा राष्ट्रभक्त बताना चाहिए तो बता सकते हैं लेकिन वास्तव में हिंदू तो देश के बाद भी धर्म को स्थान नहीं देते...और इसीलिए देश इस्लामिक मुल्क होने की राह पर चल रहा है... इसमें दोष मजहब को पहले मानने वालों का नहीं अपितु धर्म को भुला देने वालों का है
हिंदुओं को तो उनका धर्म ही राष्ट्र प्रथम की सीख देता है लेकिन जब हिंदू अपने धर्म को ही भुला देंगे तो वो क्या ही समझेंगे राष्ट्र प्रथम के मायने...केवल बोलने से राष्ट्रप्रथम नहीं हो जाता उसके लिए सनातन की जड़ों से जुड़ना जरूरी है ...मजहबी मानसिकता को कोष्ण छोड़ो और अपनी कमी दूर कर स्वधर्म का पालन और सम्मान करना शुरू करो

