इन्हें बुरा लग रहा है कि कोई इन्हें कांग्रेसी कह रह है , इन्हें ये नहीं बुरा लगा कि इन्होंने योगी जी की तुलना अकबर, बाबर जैसे राक्षसों से की.! एक तरफ इनका अपमान भगवा का अपमान है तो योगी जी का अपमान भगवा का अपमान कैसे नहीं? यह कांग्रेस का यह भी काम नहीं गिना रहे की राम मंदिर ना बने इसके लिए कांग्रेस पार्टी के तीन बड़े नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री मुस्लिम पक्ष की तरफ से मुकदमा लड़े थे... कांग्रेस ने करपात्री जी के साथ क्या किया था ये नहीं गिना पा रहे ये..अब आप हो सोचें कालनेमी किसे कहा जाय?
फिर जब इन्होंने खुद को कांग्रेसी मान ही कर दिया तब इनका सम्मान सिर्फ कांग्रेस के समर्थकों को ही करना चाहिए। दूसरी पार्टी के समर्थक लोग आखिर इन का सम्मान क्यों करें ? जब यह कांग्रेस के शंकराचार्य हैं तो हमारे शंकराचार्य हो ही नहीं सकते, क्योंकि कांग्रेस ने तो संतों के साथ और सनातन के साथ क्या क्या किया ये सभी जानते हैं

