मेघालय के वेस्ट गारो हिल्स में हिंसा और धमकियों के बाद कई मुस्लिम परिवार 10 मार्च तक घर छोड़कर भागने को मजबूर हो गए. इस हिंसा में दो मुस्लिम नौजवानों की हत्या कर दी गई, दुकानों और घरों को आग के हवाले किया गया. मस्जिद में भी तोड़फोड़ की गई. हालात बिगड़ने पर प्रशासन ने कर्फ्यू लगाकर सेना तैनात कर दी है.
हमारे मतानुसार तो ये बहुत ही सराहनीय पहल है, यह कार्य बहुत पहले शुरू हो जाना चाहिए था। जो कट्टरपंथी अब तक करते आये हैं वही तो करने का प्रयास किया है! इसमें बुरा क़्या है ?? आखिर कब तक इस जेहादी मानसिकता के जेहाद को सहा जाएगा, कहीं न कहीं तो विद्रोह को चिंगारी फूटेगी ही और फिर वो ज्वाला बनकर जेहादियों को निगल लेगी..

