अगर आज से 70 साल पहले एक भारतीय महिला ने संयुक्त राष्ट्र में अपनी ज़िद न अड़ाई होती, तो आज दुनिया की किसी भी औरत के पास कोई कानूनी अधिकार नहीं होता!