गरबा में एक भी हिन्दू लड़की को छोड़ना नहीं है’ ये होते हैं मुल्लों के विचार। 2025 में पकड़े गए थे। मुसलमानों को हिन्दुओं के नारी शक्ति के पूजन उत्सव में जाना ही क्यों है? एक जिहादी ऐसे आयोजन को अपनी बलात्कारी मानसिकता के लिए भीड़ की तरह देखता है। यहाँ वो शिकार कर सकता है। जिहादियों को ऐसे आयोजनों में घुसने न दें। हिन्दू बने, अपनी बहन को ले कर आए, नाचे। किसी को आपत्ति नहीं
जब यह लोग खुलकर हमारी हिंदू बेटियों को टारगेट बनाने की बात कर रहे हैं तो क्यों इन्हें हमें नहीं रोकना चाहिए हमारे किसी भी प्रोग्राम में सम्मिलित होने से और जब हमारा कोई संगठन यह पहल कर रहा है तो हमें उसे संगठन का साथ क्यों नहीं देना चाहिए? आज हिंदू इन बातों को इग्नोर कर रहा है लेकिन ध्यान रहे जब इनके दुष्परिणाम सामने आएंगे तो यही हिंदू संगठनों के पास जाकर बिल बिलाएंग और जब संगठन कुछ नहीं कर पाएंगे तो उन्हें दोष देते फिरेंगे।
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