क्षमादान ही हिंदुओं की बहन बेटियों की मंडियां लगवाने का कारण है, क्षमादान ही हिंदुओं के नपुंसकता का कारण है तथा जिन्होंने क्षमादान की प्रथा चलाई थी वह लोग तो भगवान सोमनाथ के मंदिर को भी नहीं बचा पाए। वह तो नालंदा विश्वविद्यालय को भी नहीं बचा पाए। जिनके दिमाग में यह मानसिकता थी वह तो केवल वह लोग थे जो युद्ध भूमि से पलायन कर रहे थे। जो धर्म युद्ध लड़ना ही नहीं चाहते थे।
भगवान श्री राम जी ने रावण को क्षमा दान नहीं दिया भगवान श्री कृष्ण ने अपने मामा कंस को क्षमा दान नहीं दिया। महाभारत में भी अर्जुन ने अपने पितामहा भीष्म को क्षमादान नहीं दिया। भगवान परशुराम जी ने भी अत्याचार करने वालो को क्षमादान नहीं दिया, तो मूर्ख कायर हिंदुओं में यह कायरता वाला आवरण आया कैसे?

