दारुल उलूम देवबंद का मौलाना अरशद मदनी अब शांत बैठे हिंदुओं को खामखां ललकार रहा है | पहले इनके एक समर्थक ने कहा था कि जाट समाज खुद को हिंदू नहीं मान रहा है |अब कह रहा है कि किसी को देवबंद में शिवलिंग दिख रहा तो दारुल उलूम को टच कर के दिखाना |
अरशद मदनी ध्यान से सुन अगर शांति बनी हुई है तो बनी रहने दे | और अगर गर्मी चढ़ है तो एक बार शिवलिंग होने के प्रमाण दे दे | फिर देख टच तो बहुत छोटी बात है हम मंदिर ही स्थापित कर देंगे । पर तुझे अपनी धींगराई साबित करने के लिए पहले सुबूत देने पड़ेंगे कि वहां शिवलिंग है - उसके बाद हम बताएंगे कि टच करने की हिम्मत है या नहीं |

