धर्म को कुछ कुछ समझना , केवल कर्मकांड तक सीमित रहना यही हिंदू और हिंदू धर्म के विनाश का मुख्य कारण है। जब तक हिंदू केवल कर्मकांड पर आधारित रहेगा और धर रक्षा कैसे की जाए उसके किए क्या किया जाए इसपर गंभीरता से विचार नहीं करेगा तब तक वो ना तो खुदको बचा पाएगा न अपने धर्म को...देखिए क्या है देवकीनंदन जी ने
हिंदुओं के आने को त्यौहार आते हैं खुशियां मनाने के खूब मौके आते हैं लेकिन क्या हिंदू अपने त्योहारों को शांति से मना पाता है?... नहीं! हिंदुओं के हर त्योंहार हर यात्रा आतंक के साये में है क्योंकि हिंदुओं ने कर्मकांड तो किए, लेकिन धर के शत्रुओं को नहीं पहचाना और ना ही धर्म रक्षा को लेकर कोई गंभीर कदम ही उठाए । लगातार हर साल हिंदू त्यौंहारों पर बढ़ते हमलों को हिंद नहीं रोक पा रहे...

