शर्मनाक, बेहद शर्मनाक। स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के दिन झारखंड में स्टूडेंट्स के लिए भूख हड़ताल पर बैठे देवेन्द्र नाथ महतो फिलहाल हॉस्पिटल में हैं। पर आज वो तिरंगा रैली में हिस्सा लेना चाहते थे, पर हॉस्पिटल में झारखंड पुलिस ने उनके साथ क्या किया खुद ही देखिए। आजाद देश में स्टूडेंट्स का अधिकार मांगने वालों को तिरंगा फहराने का भी अधिकार नहीं है क्या ?
झारखंड के छात्र आंदोलन को जिस प्रकार कुचलने का प्रयास हो रहा है... जिस प्रकार देश का मीडिया और सोशल मीडिया भी इस आंदोलन पर लगभग निष्क्रिय नजर आ रहा है इससे समझ आ रहा है के भारत वास्तव में कितना आजाद है. पहले गोरे अंग्रेज थे जो शत्रु रूप में दिखते थे लेकिन अब उन गोरों के गुलाम काले अंग्रेज है जिन्होंने देश को बर्बाद कर रखा है

