तेरे क़त्ल पर मैं चुप था, मेरी मौत पर तुम खामोश रहना" दिल्ली में जिम जिहादी के हाथों जहाँ मार डाली गई हिन्दू लड़की, वहां ग्राउंड जीरो पर टीम सुदर्शन।मुस्कान की मौत पर छाए सन्नाटे पर किया गया सवाल.. सेक्युलर चुप्पी सिर्फ मोहल्ले में नहीं बल्कि समूचे देश में। महिला आयोग से ले कर मानवाधिकार संगठनों ने इमरान का नाम सुनते ही फेर लिया मुंह, मुट्ठी भर भगवाधारी ही मैदान में..
मानवाधिकार वाले, महिला आयोग वाले, नेता, अभिनेता सब खामोश है ... ठीक है वो खामोश हो सकते है लेकिन हिंदू क्यों चुप है और कब तक चुप रहेगा? ज्यादा से ज्यादा हिंदू समाज करेगा भी तो क्या "मोमबत्ती जलाएगा" , लेकिन ध्यान रहे अब मोमबत्ती जलाने से बेटियां नहीं बचने वाले, एक एक हिंदू बेटी जेहादियों के निशाने पर है.....देखते है का तक खामोश रहेगा हिंदू

