दलित पुजारी - और दलित समाज का आरोप मंदिर में घुसने नहीं दिया आइए आज इस वीडियो इस सच्चाई ने अंबेडकरवादियों की सारी पोल खोल दी समझ लीजिए इन नकली अंबेडकवादियों द्वारा जितनी कहानी सुनाई जाती वो सब एक झूठ है । दलित पुजारी जो चमा-₹ जाति से आते है उसी जाति के लोग थे उन्होंने ने मंदिर में ताला लगा दिया क्योंकि वो मंदिर में मौजूद नहीं थे
अब होंगे वहां कुछ अंबेडकरवादी शुरू किया हल्ला गुल्ला नैरेटिव बनाने के लिए मंदिर में हमारे लिए ताला लगा दिया है हमे घुसने नहीं दिया - दलित पुजारी का कहना है मंदिर में सब आ सकते लेकिन मैं रोज साफ सफाई करता हु और कुछ लोग उसको गंदा कर देते है सबकी जिम्मेदारी है इसको साफ करना
अब इसपर - दो बात सदियों से मंदिर में पुजारी दलित वर्ग है और छुआछूत का सीधा मतलब है, आप गंदगी में रहिएगा - आप साफ सफाई से नहीं रहिएगा तो लोग आपको दूर रखेंगे मंदिर में घुसने नहीं देंगे । पानी अपने बर्तन में न देना - इसका सीधा मतलब है आप मांसाहारी हो सामने वाला शाकाहारी हो - वो नहीं देता

