आज कांग्रेस पार्टी की बैठक में ‘वंदे मातरम्’ को लेकर पारित किया गया प्रस्ताव अत्यंत निंदनीय है। इसके साथ ही कांग्रेस पार्टी ने यह साबित कर दिया है कि उसके लिए देश से ऊपर पार्टी है। कांग्रेस की कार्यसमिति का प्रस्ताव उसे संविधान द्वारा प्रदत्त शक्तियों और संसद द्वारा बनाए गए कानूनों से भी अधिक महत्वपूर्ण लगता है। कांग्रेस ने यह भी साबित कर दिया है कि वह स्वयं को संविधान से ऊपर, देश से ऊपर और अपने पार्टी प्रस्ताव को संवैधानिक कानून से ऊपर मानती है।
इसके साथ ही कांग्रेस ने अब उन अटकलों पर भी विराम लगा दिया है कि वह आज की ‘नई मुस्लिम लीग’ बन चुकी है। क्योंकि जो जिद्द मुस्लिम लीग में 1937 में वन्देमातरम् को लेकर थी वही ज़िद कांग्रेस 2026 में वन्देमातरम् को लेकर दिखाई रही है।

