रांची के एक क्रिश्चियन मिशनरी कॉलेज ने हिंदू छात्रा जूही सिंह को पारंपरिक नथ पहनने के कारण कॉलेज से निकाल दिया – यह नथ एक सांस्कृतिक प्रतीक है, न कि कोई फ़ैशन।आरोप है कि प्रिंसिपल ने उसकी हिंदू और बिहारी पहचान का मज़ाक उड़ाया।टैक्सपेयर के पैसे से चलने वाला यह माइनॉरिटी संस्थान चुनिंदा 'अनुशासन' लागू करते हुए सनातन परंपराओं का अपमान करता है।
हिंदुओं, धर्म-परिवर्तन कराने वाली इन फ़ैक्टरियों का बहिष्कार करो। अब इनके दोहरेपन को बेनकाब करने का समय आ गया है। @HemantSorenJMM कार्रवाई कहाँ है? वैसे इनसे उचित कार्रवाई की आशा करने भी मूर्खता ही होगी...। हिंदुओं को चाहिए के वो अपने बच्चों को ऐसे स्कूलों में पढ़ाये जहां धर्म द्रोही मानसिकता की किसी प्रकार भी उपस्थिति न...हो, मिशनरी स्कूलों का तो पूरी तरह बहिष्कार होना चाहिए़

