पेड़ से सिर्फ एक आम खाने पर दलित किशोर को लाठियों से पीटा,सचिन के घर में घुस कर शफीकउल्लाह ने माँ-बहनों को दी गालियां,पीठ पर चोट के निशान देख कर भी भीम-मीम ब्रिगेड खामोश,UP के कौशांबी जिले की चरवा पुलिस ने संज्ञान ले कर शुरू की कार्रवाई..
ये एक सच्चाई है कथित भीम मीम वालों की। एक दलित को यदि कोई स्वर्ण हिंदू कुछ बोल भी दे तो कथित दलित हित चिंतक हो हल्ला मचाने लगते है लेकिन यदि कोई कट्टरपंथी किसी दलित को जान से भी मार दे तो भी नीले जहरीले कबूतर शांत किसी कोने में दुबके रहेंगे क्योंकि यहां बोलना उसके एजेंडे के विरुद्ध हो जाता है

