"बोल, बाबा साहब हमारे बाप हैं, बोल ^*%#"-ये बोलकर एक युवक को मारा पीटा जा रहा है नीला झंडा धारियों द्वारा! मतलब खुलेआम गुंडागर्दी करने वालों को संविधान ने "शोषित वंचित पीड़ित" घोषित कर रहा है! है ना गज़ब??
इस प्रकार के अपराध संविधान को कलंकित करते हुए दिखाते है के नीले कबूतरों के मन में कानून का कोई भय नहीं क्योंकि उन्हें संविधान से ऐसे अपराधों का अधिकार मिला हुआ है दूसरा ऐसे अपराध समाज में हिंदुओं के बीच मनमुटाव उत्पन्न कर उन्हें तोड़ते है। जब कोई स्वर्ण किसी दलित के साथ गलत करता है तो पूरा मीडिया, सोशल मीडिया सवर्णों को गलत ठहराता है लेकिन वहीं जब नीले कबूतर सवर्णों को प्रताड़ित करते है तब सा शांत हो जाते है। ये सब घटिया कानून और दुगली सोच का नतीजा है। इसका सीधा फायदा विधर्मियों और देशद्रोहियों को होता है
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