मुसलमानों ने दलित के भाई की हत्या कर दी,ये शब्द सुनते ही रावण को सांप सूंघ गया क्यों कि भीम मीम भाई भाई का नारा लगाने वाले किसका पक्ष लेंगे। जय भीम जय मीम के नाम पर कथित दलित हित चिंतक क्या करते है और वो कितना दलितों के लिए चिंतित है वो आप रावण को इस हरकत से आसानी से समझ सकते है
ऐसी घटना में यदि अपराधी कोई हिंदू होता खासकर ठाकुर या ब्राह्मण तो रावण और उसके नीले जहरीले कबूतर क्या करते ये सभी बहुत अच्छे से समझते हैं। दलित बंधु कृपया अपने आँखो पर पड़े जातिवाद के जहरीले चश्मे को हटाएं और देखें कि सच्चाई क्या है कैसे कथित दलित हित चिंतक आपको बेवकूफ बना रहे है और साथ ही आपको जेहादी मानसिकता का शिकार भी बना रहेहैं

