ये घटना कोई मामूली घटना कतई नहीं है, ये अत्यंत दुर्भाञपूर्ण और भारत के लिए शर्मनाक घटना है, भारत के कानून के लिए चुल्लू भर पानी में डूब मरने जैसी घटना है... मानवता के अंत को दर्शाती घटना है जहाँ 30 हैवानों को एक मासूम पर जरा दया नहीं आयी... ना जाने ऐसे दरिंदे रोज कितनी मासूमो को शिकार बनाते होंगे.... और हनारे PM साहब कहते है "पढ़ेंगी बेटी तो बढ़ेगी बेटी" ये PM साहब के लिए भी शर्मशार करने वाली घटना है।
इस देश के सड़े हुये कानून से न्याय कि आशा करना मूर्खता से बढ़कर कुछ नहीं. आये दिन ऐसी ही अनेको घटनाएं होती है लेकीन कानून अपराधियों को दण्डित नहीं कर पाता जिस कारण अपराधी बेखौफ होकर ऐसी घटनाओ को अंजाम देते है. इस मासूम के 30 अपराधियों के साथ साथ देश का कनून, देश कि सरकार भी दोषी है वो भी बलात्कारी है जो बलात्कारियों को रोक नहीं पा रहे... हां अब शर्म आती है के मेरा भारत बलात्कार कैपिटक बनता जा रहा है...

