बड़े बड़े कोचिंग चलाने वाले अधिकांश माफिया, गुंडा होते हैं? बच्चों को डराने के लिए बाउंसर रखते हैं।कोचिंग मे अधिकांश फर्जीवाड़ा किया जाता है एक ही बच्चे को सफल होने के बाद कई कोचिंग संस्थानों के विज्ञापनों में देखा जाता है । यह सब सार्वजनिक तौर पर चर्चा में रहता है, लोग जानते हैं, लेकिन अंजना ओम कश्यप ने वही बात कह दी तो टीवी और टीवी एंकर पर निशाना साधने के लिए एक गिरोह ताल ठोंककर खड़ा हो गया।
वैसे अंजना से ठीक पहले कलुवे कालूतोष ने सबसे पहले कोचिंग माफिया की पोल खोली थी लेकिन उसके खिलाफ कोई गिरोह मुंह नहीं खोल रहा? ऐसे ही गिरोहबाज के कोचिंग सेन्टर पर गोली चली है। दूसरे कोचिंग माफिया वाले पर ही गोली चलवाने का आरोप है। अब सोचिए कि बच्चों का कोचिंग माफिया कितना भला कर रहे है।

