तमिलनाडु के थूथुकुडी में एक चर्च में ईसाई पादरी अरुलराज ने 12 साल की नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ की।जब वह प्रार्थना करने आई थी, तब उसने उसका यौन उत्पीड़न किया। पुलिस ने POCSO के तहत मामला दर्ज किया और पादरी को गिरफ़्तार कर लिया।
विचार करें यदि इस पादरी की जगह किसी पुजारी पर कोई आरोप लगता तो मीडिया और बुद्धिजीवी आदि क्या करते? पादरी है इसलिए सब शांत बैठे है लेकिन कोई पुजारी, पंडित पर झूठे आरोप भी लगते है तो मीडिया पूरे हिंदू समाज और हिंदू धर्म को घेरने में लग जाते है...
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