वीडियो देखिये, समझिये और हो सके तो भविष्य में एक भी और भरत तिवारी कि हत्या मत होने दीजिये...
हमारे समाज की समस्या ये है के हम समस्या हो जाने के बाद रोना रेते है लेकिन उस समय से लड़कर उसे हराते नहीं है। यदि अमर क्रांतिकारी भरत तिवारी के साथ उस स्थिति में 50 छोड़िए 20 लोग भी खड़े हो जाते तो शायद एक क्रांतिकारी का खून इस धरा पर ना बहता... जागो मेरे देशवासियों जागो... ऐसे क्रांतिकारियों, धर्मप्रेमियों को अपने बेच से जाने मत दो... अब 14 गौरक्षकों के लिए आवाज उठाओ कहीं वो ही हम से छिन ना जाएं

