जहां एक तरफ बाहरी आतंक से हजारों लोगों को आतंकी अपना शिकार बना लेते है वहीं दूसरी तरफ उससे कई गुना अधिक लोगों का, परिवारों का लगातार देश के अंदर बैठे जेहादी विनाश कर रहे हैं उसपर सरकार को संज्ञान लेना चाहिए
सरकार को इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देते हुए उचित कार्यवाही अभिलंब करनी चाहिए इससे पहले की यह जिहादी दीमक हमारे देश को निकल जाए

