गुरुवार 28 मई 2026 को बकरीद मनाई गई इस दौरान अनगिनत बेजुबान पशुओं की कथित कुर्बानी दी गई। इसी दिन महाराष्ट्र के पंढरपुर में मुसलमान ने बकरों की कुर्बानी नहीं दी और बताया की चौकी आज एकादशी है इसलिए कुर्बानी नहीं होगी और इस घटना को हमारा मीडिया भाईचारे की एक बड़ी मिसाल के रूप में पेश कर रहा है बड़े-बड़े आर्टिकल लिखकर अपनी अपनी साइट पर चिपका रहा लेकिन वहीं दूसरी तरफ आने को शर्मसार करने वाली और हैवानियत का प्रदर्शन करने वाली घटनाओं को दबा जाता है
मीडिया नहीं बताता के की तरह इस जेहादी मानसिकता ने मासूम नाबालिक बच्चों के सामने एक हिंदू मा का बलात्कार किया और फिर उसे मारकर इसे कुर्बानी का नाम दिया
मीडिया नहीं बताएगा कि कैसे ये जेहादी मानसिकता हिंदुओं खासकर जैन पंथ के अनुयायियों के सामने कुर्बानी देने की जिद करती है
मीडिया नहीं बताएगा कि गाय जिसे हिंदू माता मानते है उसकी कुर्बानी की इस्लाम में अनिवार्यता ना होने पर भी ये मानसिकता गौमाता की ही हत्या को प्राथमिकता देती है। ये मीडिया केवल अल तकिया को फैलाकर हिंदुओं को शिकार बनाना चाहता है..इससे सावधान रहें हिंदू

