मोरक्को का एक मुस्लिम युवक जिसका नाम अब्दुल है, अपने कमर पर खाली बोतलें बांधकर समुद्र में कूद गया और बहते हुए स्पेन पहुंच गया।स्पेन की सुरक्षा एजेंसियों ने उसे अवैध घुसपैठिया मानकर हिरासत में लिया, लेकिन युवक का कहना था कि, वह मर जाएगा पर मोरक्को वापस नहीं जाएगा।"इस युवक को स्पेन में शरिया कानून चाहिए,लेकिन जिस मोरक्को में शरिया कानून लागू है,वहां नहीं रहना चाहता। ये पूरी दुनिया को मुसलमान बनाना चाहता है,लेकिन खुद मुसलमानों के बीच नहीं रहना चाहता ।
यह सिर्फ एक युवक की कहानी नहीं, बल्कि कइयों की मानसिकता बताने वाली तस्वीर है। सवाल उठता है कि मुस्लिम देशों से इतनी बड़ी संख्या में लोग भाग क्यों रहे हैं?वोऔर ये दूसरे इस्लामिक देशों में शरण क्यों नहीं लेते ? आरोप यह भी लगते रहे हैं कि, गैर-इस्लामिक देशों में शरण मिलने के बाद, ये अपराध, कट्टरता, जिहाद और आतंकवाद की तरफ बढ़ जाते हैं।यूरोप पहले भी मुस्लिम शरणार्थियों को शरण देने की भारी कीमत चुका चुका है ।बदेखना है कि स्पेन इस युवक को वापस भेजता है या फिर मानवीय आधार पर जिहादियों को शरण देने की कीमत चुकाता है।

