पाकिस्तानी मूल के इमाम अली काशिफ इटली के मुस्लिम बहुल ब्रेसिया में रहते थे और एक इस्लामिक सेंटर से जुड़े थे। जनवरी 2026 में इटली के लोकप्रिय टीवी प्रोग्राम Fuori dal Coro में रिपोर्टर ने इमाम अली काशिफ से बाल विवाह के बारे में पूछा। इमाम ने कैमरे पर कहा कि :कुरान के अनुसार, लड़कियों की पहली माहवारी के बाद वे वयस्क मानी जा सकती हैं। इसलिए 9 वर्ष की उम्र से ही लड़कियों का विवाह किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि 30 या 40 साल का पुरुष भी 9 वर्ष की लड़की से शादी कर सकता है।
ये टिप्पणियाँ प्रसारित होने बाद लोग इस बात को बाल अधिकारों का उल्लंघन मानने लगे।ब्रेसिया के पुलिस आयुक्त ने टीवी फुटेज देखने के बाद तुरंत कार्रवाई की।उन्होंने इमाम को सामाजिक खतरा मानते हुए इटली के इमिग्रेशन कानून के Article 4, paragraph 3 के तहत तत्काल निष्कासन का आदेश जारी किया। इमाम के पास वैध निवास परमिट न होने की पुष्टि भी हो गई, जिससे निष्कासन और आसान हो गया। पुलिस ने इमाम को पकड़ा और मिलान के माल्पेन्सा हवाई अड्डे ले जाकर पाकिस्तान के लिए सीधी फ्लाइट में चढ़ा दिया। विवादास्पद बयान प्रसारित होने के 24 घंटे के अंदर कार्रवाई पूरी कर दी गई। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार इस्लामिक अलगाववाद, जबरन विवाह और बाल विवाह जैसे मुद्दों पर सख्त रुख अपनाए हुए है। यह है उनकी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति!

