घटना UP की है जहां एक मुस्लिम दोस्त असलम ने सर्राफा व्यापारी तेज प्रकाश (हिंदू) की जान ले ली। पहले साथ बैठकर शराब पी और बादमें सीने में गोली उतर दी, UP पुलिस ने मुठभेड़ में दोनों पैरों में पीतल भरकर असलम को गिरफ्तार कर लिया। संभवतः यही होता है भाईचारा... लेकिन इसपर कहीं कोई खास चर्चा होगी नहीं
एक तो कट्टरपंथी से दोस्ती फिर उससे पैसों का व्यवहार साथ ही साथ बैठकर शराब भी ... । ऐसा शायद ही कोई मामला आपको मिले जहां किसी मुस्लिम ने किसी हिंदू को पैसे दिए हों और पैसे मांगने पर हिंदू ने उस मुस्लिम को मार दिया हो लेकिन ऐसे कई मामले सुने हैं जहां एक हिंदू ने मुस्लिम से दोस्ती की उससे पैसों का व्यवहार किया और कहा सुनी में हिंदू को खत्म कर दिया गया। खैर निर्णय हिंदुओं का है के उन्हें किस्से दोस्ती और व्यवहार करना है, परिणाम निर्णय के अनुरूप ही तो होगा

