यदि हिंदुओं ने जेहादी मानसिकता से किसी भी प्रकार से नजदीकी बढ़ाई तो विनाश निश्चित है। यदि आप भी चाहते है कि ऐसी ही घटना आपकी माता बहन, बेटी , पत्नी के साथ हो तो हमें कोई समस्या नहीं लेकिन यदि आप ऐसा नहीं चाहते और थोड़ी लाज शर्म बची है तो तुरंत प्रभाव से संकल्पित होकर जेहादी मानसिकता का पूर्ण रूप से बहिष्कार कीजिए। ये मानसिकता भाईचारे नहीं अपितु मात्र घृणा के लायक है
कितना दुःख होगा वो पल उस महिला के लिए जब उसके पति के इलाज के लिए वो एक मौलवी के पास जाए और जेहादी उसे बंधक बनाकर 3 दिन तक उसका बलात्कार करें और सोचिए उस पति पर क्या बीतेगी जिसकी पत्नी के साथ ऐसी प्रताड़ना उसके इलाज के नाम पर हो... ऐसा दिन आपकी जिंदगी में ना आए इसके लिए आपको जेहादियों का बहिष्कार करना ही होगा...और कोई मार्ग नहीं
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