शाबाश हिन्दुओं.. इसी तरह जब कभी भी देश और धर्म की बात आए तो, अपनी जात को अपने जेब के अंदर डाल देना. शैतानों और उनकी शैतानीयत का इसी तरह माकूल जवाब देना ही चाहिए.। शाबाशी देता हूं इस हिन्दू शेरनी को. बिटिया ने बिलकुल सही किया है, हिन्दू शेरनी को दिल से धन्यवाद....
बिटिया ने जो किया उसपर दो राय हो सकती है, कुछ बुद्धिजीवी कानून और संविधान की बातें कर सकते है लेकिन चर्चा इस बात पर होनी चाहिए को मुस्लिम शिक्षिका को किसने अधिकार दिया के वो हनुमान जी को लेकर कुछ भी कहे? क्या इनके मजहब पर कोई टिप्पणी करेगा तो ये छोड़ देंगे??

