पाश्कुचात्य संस्कृति की गिरफ्त में आकर हम अपने समाज और सामाजिक मूल्यों का विनाश कर रहे हैं... रोज डे, चॉकलेट डे ,प्रॉप्स डे valentine डे ये सब हमारे विनाश के कारण है ...इसलिए जरूरी है कि हम ये सब छोड़ मातृ पितृ पूजन दिवस मनाएं और उनके चेहरों पर खुशियां लाएं...
दुर्भाग्यपूर्ण है कि आजकल अनेकों अनेक बच्चे अपने माता पिता का सम्मान नहीं करते , अनेकों तो उन्हें वृद्धाश्रम में छोड़कर आ जाते हैं जबकि माता पिता की सेवा हमारा सरप्राथम कर्तव्य होता है...आइए मातृ पितृ पूजन दिवस मनाएं और संकल्पित हो अपने माता पिता की सेवा करें , उनका सम्मान करें

