माननीय सुप्रीम कोर्ट जो खुद लीव इन रिलेशन शिप जैसी घटिया स्कीम भारत में लाते हैं अब उन्हें मामली देखकर चिंता हो रही है।ये चिंता इसलिए हुई है क्योंकि इस घटिया स्कीम लीव इन रिलेशन के कारण कोर्ट्स के पास मामले बढ़ने लगे हैं यानी काम बढ़ने लगा है। यदि माननीय को समाज, और बेटियों की वाकई चिंता है तो लीव इन रिलेशन शिप वाली घटिया स्कीम को तुरंत प्रभाव से कूड़ेदान में डाल देना चाहिए
माननीय ने हो चिंता जाहिर करके अपना कर्तव्य पूरा कर लिया परंतु माता-पिता यदि अपने बच्चों को सुरक्षित रखना चाहते हैं तो उन्हें धर्म ज्ञान और संस्कार दें ताकि वह किसी प्रपंच की शिकार ना हो। साथ ही समय मोबाइल ना दे और दे तो उन पर ध्यान रखें। याद रखने का अर्थ किसी की आजादी छीनना नहीं अपितु उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है

